शॉल-श्रीफल भेंटकर शिक्षकों के योगदान को किया नमन, भूपेश बघेल बोले- समय के साथ शिक्षा में बदलाव आया, लेकिन शिक्षक का महत्व कभी कम नहीं हुआ
पाटन। पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पतोरा स्थित स्कूल परिसर में शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। उन्होंने पाटन क्षेत्र के 44 सेवानिवृत्त सहित सैकड़ों शिक्षकों को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अनेक बदलाव आए हैं, लेकिन शिक्षा और शिक्षक का महत्व कभी कम नहीं हुआ। बुजुर्गों और आम जनता के सहयोग से ही गांवों में स्कूलों की नींव रखी गई है।
पूर्व सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि गरीब से गरीब बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए उनकी सरकार ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना शुरू की थी। इसके तहत हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में पढ़ाई की विश्वस्तरीय सुविधा दी गई। वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने प्रदेश में लगभग 10 हजार स्कूल बंद करा दिए हैं। गांव में यदि एक भी समर्पित शिक्षक मिल जाए, तो बच्चों का भविष्य संवर जाता है।
उन्होंने शिक्षकों के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी शिक्षकों की बड़ी भूमिका रही है। कई शिक्षकों ने देश को आजाद कराने के लिए अपनी सरकारी नौकरियां तक छोड़ दी थीं।
समारोह में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान शिव कुमार पांडेय, ओमप्रकाश वर्मा, फाजिल मीर अली, सीताराम वर्मा, आशीष वर्मा, जवाहर वर्मा, अशवनी साहू, महेंद्र वर्मा, भूषण कौशल, खिलेश मारकंडे, भुवनेश्वर साहू, जयश्री वर्मा, राकेश साहू, डिकेंद्र हिरवानी और प्रहलाद वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे।
ये 44 सेवानिवृत्त शिक्षक हुए सम्मानित
समारोह में जिन 44 सेवानिवृत्त गुरुजनों का नागरिक अभिनंदन किया गया, उनमें प्रमुख रूप से ओंकार प्रसाद साहू, चंद्रिका प्रसाद देवांगन, नरेंद्र सिंह ठाकुर, खेमलाल साहू, राधेश्याम लहरी, गोपेंद्र कुमार साहू, जीवन लाल ठाकुर, ओम प्रकाश शुक्ला, प्रेमलता विश्वकर्मा, मिलापराम साहू, गजानंद बंछोर, ढालूराम वर्मा, रमेश कुमार शर्मा, वीरेंद्र कुमार साहू, बसंत कुमार वर्मा, यादराम बंजारे, खिलावन सिंह चोपडिया, एस. मिंज, पदुमलाल ठाकुर, दिलेश्वर प्रसाद चंद्राकर, रमेश कुमार सोनी, बीरेंद्र कुमार वर्मा, वेदराम साहू, सुनिता सिन्हा, देवेंद्र कुमार बंछोर, कल्याण सिंह ठाकुर, दानीराम साहू, रोमन लाल, मनहरण लाल साहू, गंगा प्रसाद साहू, तारा बंछोर, मोरध्वज वर्मा, इंद्राणी साहू, अनुराग घोष, सुरेंद्रनाथ कुशवाहा, मोतीलाल साहू, आशा कश्यप, लता रघुकुमार, एवन कुमार रात्रे, उषा दुबे, डोमार सिंह ठाकुर, नरेश कुमार यादव, रेबेका भेलवा एवं बालमुकुंद मढ़रिया आदि शामिल है।



