धारा प्रवाह पठन, गणितीय कौशल एवं सामान्य ज्ञान में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
दुर्ग। विकासखण्ड दुर्ग, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़) में सत्र 2026-27 के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय पठन वीर दक्षता प्रतियोगिता 2026 का आयोजन उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों में पठन कौशल, गणितीय दक्षता, तार्किक क्षमता एवं सामान्य ज्ञान को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम की थीम “प्रतिभा की पहचान अवसर का सम्मान” रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ललित चन्द्राकर (विधायक एवं उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद कुमार सिन्हा (डीएमसी, समग्र शिक्षा दुर्ग) ने की। विशेष अतिथि के रूप में विनोद कुमार शुक्ला (बीईओ, दुर्ग), दीप्ति गुप्ता (प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रूआबांधा), ज्ञानसिंह राजपूत (सहायक संचालक, समग्र शिक्षा दुर्ग) सारिका साहू, (पार्षद रूआबांधा) शान्ता साहू (पार्षद रिसाली), नीलम दुबे (सहायक प्राध्यापक, डाइट दुर्ग) सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में श्रवण कुमार सिन्हा, (बीआरसी दुर्ग ग्रामीण) ने बताया कि शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव (शिक्षा मंत्री छग शासन) के निर्देशानुसार एवं पी.सी. मरकले, (प्राचार्य डाइट अछोटी दुर्ग ) के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को शत-प्रतिशत धारा प्रवाह पठन कौशल हासिल हो, इसी उद्देश्य से इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के चार जोन—चंदखुरी, उतई, जुनवानी एवं अंजोरा (ख) से कुल 40 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में सहभागिता की।
दीप्ति गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का विशेष अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि कमजोर बच्चों के स्तरोन्नयन के प्रयासों के साथ प्रतिभाशाली बच्चों को भी निरंतर आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “हौसलों को ये मत बताओ कि समस्याएं कितनी हैं, बल्कि समस्याओं को ये बताओ कि हौसला कितना है।”
विनोद कुमार शुक्ला (बीईओ दुर्ग) ने कहा कि पठन एवं पहाड़ा पर विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। डाइट दुर्ग के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की पठन क्षमता के साथ-साथ व्याकरण संबंधी सजगता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विनोद कुमार सिन्हा, डीएमसी समग्र शिक्षा दुर्ग ने कहा कि विकासखण्ड स्तरीय पठन वीर प्रतियोगिता में उपस्थित सभी बच्चे उत्कृष्ट हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्राथमिक स्तर के बच्चों में धारा प्रवाह पठन की दक्षता विकसित करने के लिए शिक्षक साथियों से निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि ललित चन्द्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि ज्ञान हासिल करना एक अनवरत प्रक्रिया है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यों का आकलन एवं आत्मचिंतन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यापन कार्य में किताबी ज्ञान के साथ बच्चों को नैतिकता एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। एक शिक्षक के अथक प्रयास से बच्चों का समग्र विकास संभव है। शिक्षक का संपर्क कक्षा की अंतिम पंक्ति में बैठे बच्चे तक भी होना चाहिए, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
प्रतियोगिता के विजेता
प्रतियोगिता की विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे—
स्टोरी टेलिंग
प्रथम- दीपेश देवांगन (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला विनायकपुर)
द्वितीय – रूबी साहू (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बोड़ेगांव)
स्पीड रीडिंग
प्रथम – कुणाल यादव (पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया)
द्वितीय – लीना यादव( पूर्व माध्यमिक शाला चंदखुरी)
मैथ्स मैजिक
प्रथम – विवेक कुमार साहू (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढौर)
द्वितीय – लाकेश्वरी साहू( शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खपरी)
स्पीड कैलकुलेशन (गणितीय गणना)
प्रथम – युवराज साहू (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खपरी)
द्वितीय – कुणाल निषाद (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मचांदूर)
क्विज (सामान्य ज्ञान)
प्रथम – तिलेश कुमार( शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रूदा)
द्वितीय – जयदीप नाथ योगी (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रसमडा़)
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ललित चन्द्राकर (विधायक दुर्ग ग्रामीण)के करकमलों से सभी विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में पठन, गणितीय कौशल एवं सामान्य ज्ञान के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन जयन्त यादव ने किया।
कार्यक्रम में हरनारायण राजपूत, जयन्त यादव, धनेश्वर सिंह धुर्वे, एस.डी. कुरैशी, परमानंद देवांगन, ओमप्रकाश साहू, केशव देवांगन, सुमन प्रधान, रंजना देशमुख, उषा सिन्हा, उषा पाण्डेय, जागेश्वरी वर्मा, चन्द्रहास साहू, चन्द्रहास देवांगन, गिरीश वर्मा, अलका अग्लावे, योगेश वर्मा, राकेश धनकर, सुश्री उमा राठौर, दीपक बुंदेला, अश्वनी पटेल, हेमप्रकाश दीपज्योति, त्रिभुवन देशमुख, अरविन्द बंजारे, इंद्रेश बंजारे, ऋषिकांत शुक्ला, राकेश बैस, जयपालसिंह गावरे, विरेन्द्र पारकर, प्रणव मंडरिक, विजयशंकर डहरिया, जनार्दन साहू, पार्वती श्रीवास्तव, रश्मि नामदेव, प्रवेश देवांगन, लीला राम साहू, नरेन्द्र देशलहरा, सुरेन्द्र स्वर्णकार, आनंद तिवारी, विरेन्द्र कावलिया, रघुनाथ सिंह देशमुख सहित विभिन्न जोन से आए प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रभारी शिक्षक उपस्थित रहे।



