स्वास्थ्य मंत्री से बैठक के बाद 7 दिन का दिया गया था समय, ठोस निर्णय नहीं होने पर जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन बढ़ाया; मरीजों की सुविधा के लिए Parallel OPD की रहेगी व्यवस्था
रायपुर। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का अगला चरण शुरू करने की घोषणा कर दी है। संगठन के आह्वान पर 24 सितंबर से प्रदेश के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में OPD सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
JDA के अनुसार, 18 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से हुई बैठक में संगठन ने अपनी प्रमुख मांगें रखी थीं। मंत्री ने समाधान के लिए 7 दिन का समय मांगा था, जिसके चलते JDA ने अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर नियमित सेवाएं जारी रखीं। लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी तीन प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय या आदेश नहीं आया।
इस स्थिति में संगठन ने कल से OPD बहिष्कार का फैसला लिया है। हालांकि JDA ने साफ कहा है कि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो, इसलिए Parallel OPD की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके जरिए जरूरतमंद मरीजों को वैकल्पिक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा सकेगा।
डॉ. पियूष श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ TIMES से कहा,
“हमारा मकसद मरीजों को परेशान करना बिल्कुल नहीं है। लंबे समय से लंबित चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों की जायज मांगों का समयबद्ध और नीतिगत समाधान चाहिए। हमने अब तक संवाद और शांतिपूर्ण तरीका अपनाया है। सरकार से अपेक्षा है कि मरीजों और डॉक्टरों दोनों के हित में जल्द ठोस फैसला लिया जाए।”
संगठन ने आगे चेतावनी भी दी है। अगर मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 28 सितंबर से PG रेजिडेंट्स, MBBS इंटरन्स, बॉन्डेड मेडिकल ऑफिसर्स और सीनियर रेजिडेंट्स प्रदेशभर में इमरजेंसी सेवाओं से भी हट जाएंगे।



